आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि जो किसान अपनी यूरिया की खपत कम करेंगे, उन्हें सरकार की ओर से प्रति बोरी 800 रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोमवार को अमरावती में आयोजित जिला कलेक्टरों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह ऐलान किया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री प्रणाम योजना के अंतर्गत मिलने वाली सब्सिडी सीधे किसानों तक पहुंचाई जाए, ताकि उन्हें रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य में यूरिया की कमी नहीं है, लेकिन समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बेहतर योजना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यूरिया और रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि चीन ने रासायनिक अवशेषों के कारण आंध्र प्रदेश की मिर्च की खेप अस्वीकार कर दी थी। वहीं, पंजाब में कैंसर के बढ़ते मामलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश भी फिलहाल कैंसर मामलों में देश में पांचवें स्थान पर है।
नायडू ने किसानों से आग्रह किया कि वे मांग और आपूर्ति को ध्यान में रखकर फसलों का चयन करें और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाएं। उन्होंने बताया कि रायलसीमा क्षेत्र में बागवानी फसलों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है और इसी कारण अब अनंतपुर जिले की प्रति व्यक्ति आय कोनासीमा क्षेत्र से अधिक हो गई है।
राज्य सरकार का यह कदम मौजूदा खरीफ सीजन में किसानों द्वारा झेली जा रही यूरिया की किल्लत के बीच उठाया गया है। इसका उद्देश्य किसानों को यूरिया पर अत्यधिक निर्भरता से मुक्त कर उन्हें अधिक टिकाऊ और स्वास्थ्यवर्धक पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों की ओर प्रेरित करना है।


