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गौतम ठाकुर को RBI की एडवाइजरी ग्रुप ऑन रेगुलेशन (AGR) का सदस्य नियुक्त किया गया

समूह का कार्यकाल प्रारंभिक रूप से तीन वर्ष का होगा, जिसे समीक्षा के आधार पर दो वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है।

Published: 10:45am, 19 Sep 2025

सारस्वत को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के चेयरमैन गौतम ठाकुर ने न केवल अपने संस्थान बल्कि संपूर्ण सहकारी बैंकिंग क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्हें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा गठित एडवाइजरी ग्रुप ऑन रेगुलेशन (AGR) का सदस्य नियुक्त किया गया है।

यह उच्चस्तरीय समूह नियामक प्रक्रिया में हितधारकों की भागीदारी को सशक्त करने और समय-समय पर होने वाली समीक्षा के लिए उद्योग से विशेषज्ञ सुझाव उपलब्ध कराने हेतु बनाया गया है।

इस समूह की अध्यक्षता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक राणा आशुतोष कुमार सिंह कर रहे हैं। समूह में शामिल अन्य दिग्गज वित्तीय विशेषज्ञों में टी. टी. श्रीनिवासराघवन (पूर्व एमडी एवं नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, सुंदरम फाइनेंस लिमिटेड), श्याम श्रीनिवासन (पूर्व एमडी एवं सीईओ, फेडरल बैंक लिमिटेड), रवि दुब्बुरु (पूर्व प्रेसिडेंट एवं चीफ कंप्लायंस ऑफिसर, जना स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड) और एन. एस. कन्नन (पूर्व एमडी एवं सीईओ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड) भी शामिल हैं।

समूह का कार्यकाल प्रारंभिक रूप से तीन वर्ष का होगा, जिसे समीक्षा के आधार पर दो वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर इसमें अतिरिक्त विशेषज्ञों को भी शामिल किया जा सकेगा। यह आरबीआई की परामर्शात्मक और समावेशी नियामक नीति का उदाहरण है।

यह कदम ऐसे समय आया है जब आरबीआई 1 अक्टूबर 2025 से अपने विनियामक ढांचे को मजबूत करने के लिए रेगुलेटरी रिव्यू सेल (RRC) की स्थापना कर रहा है। यह सेल सुनिश्चित करेगा कि आरबीआई द्वारा जारी सभी विनियमों की हर 5 से 7 वर्ष में व्यवस्थित आंतरिक समीक्षा हो सके, ताकि वे वित्तीय क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों के अनुरूप लचीले बने रहें।

AGR उद्योग जगत से प्राप्त प्रतिक्रियाओं को नियामक समीक्षा प्रक्रिया में शामिल करने का महत्वपूर्ण माध्यम होगा।

उल्लेखनीय है कि मई 2025 में आरबीआई ने विनियमों के निर्माण की रूपरेखा (Framework for Formulation of Regulations) जारी की थी, जिसमें पारदर्शिता, सार्वजनिक परामर्श, प्रभाव विश्लेषण और नियमित समीक्षा को आधार बनाया गया था।

गौतम ठाकुर का AGR में शामिल होना न केवल सारस्वत बैंक की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सहकारी बैंकिंग क्षेत्र अब भारत की वित्तीय संरचना को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

Diksha

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