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देश में खरीफ बुवाई में रिकॉर्ड वृद्धि, धान, मक्का और गन्ना के रकबे में सबसे ज्यादा उछाल

दालों की बुवाई इस साल 106.68 लाख हेक्टेयर रही, जो पिछले साल से 0.16 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। मूंग, उड़द और मोठ दाल में हल्की वृद्धि दर्ज हुई है, जबकि तूर में 2.02 लाख हेक्टेयर की कमी आई।

Published: 16:18pm, 13 Aug 2025

देश में खरीफ फसलों की बुवाई इस सीजन में तेज रफ्तार पकड़ चुकी है। कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 सीजन में अब तक कुल 995.63 लाख हेक्टेयर में खरीफ की बुवाई हो चुकी है, जो पिछले वर्ष के 957.15 लाख हेक्टेयर की तुलना में 38.48 लाख हेक्टेयर अधिक है। इस साल धान, मक्का और गन्ना की बोआई में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि तिलहन और कपास में गिरावट देखने को मिली है।

धान, मोटे अनाज और गन्ना में उछाल
आंकड़ों के मुताबिक, धान का रकबा इस साल 364.80 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया, जो पिछले साल से 39.45 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। मोटे अनाज की बुवाई 178.73 लाख हेक्टेयर में हुई, जिसमें 7.77 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है। मक्का के रकबे में 8.74 लाख हेक्टेयर और रागी में 0.26 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई। गन्ना की बोआई 57.31 लाख हेक्टेयर में हुई, जो पिछले वर्ष से 1.64 लाख हेक्टेयर अधिक है।

तिलहन और कपास में गिरावट
तिलहनी फसलों का कुल रकबा घटकर 175.61 लाख हेक्टेयर रह गया है, जो पिछले साल से 6.82 लाख हेक्टेयर कम है। सोयाबीन में 4.73 लाख हेक्टेयर और मूंगफली में 1.84 लाख हेक्टेयर की कमी आई है। कपास की बुवाई भी घटकर 106.96 लाख हेक्टेयर रह गई, जो पिछले वर्ष से 3.53 लाख हेक्टेयर कम है। ज्वार और बाजरा के रकबे में भी मामूली गिरावट दर्ज हुई है।

दालों में मामूली बढ़त
दालों की बुवाई इस साल 106.68 लाख हेक्टेयर रही, जो पिछले साल से 0.16 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। मूंग, उड़द और मोठ दाल में हल्की वृद्धि दर्ज हुई है, जबकि तूर में 2.02 लाख हेक्टेयर की कमी आई।

Diksha

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