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मध्यप्रदेश में डेयरी खोलने वालों को मिलेगी लाखों की सरकारी मदद

इस साल सरकार ने पूरे मध्यप्रदेश में 828 डेयरी यूनिट्स के लिए ₹100 करोड़ से ज़्यादा का बजट रखा है, सिर्फ ग्वालियर और चंबल संभाग में ही 152 डेयरियां खुलवाने का लक्ष्य है

Published: 15:18pm, 17 Jul 2025

अगर आप गांव में रहकर अच्छा रोजगार शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए एक शानदार मौका है। मध्यप्रदेश सरकार ‘डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना’ चला रही है, जिसके तहत डेयरी यूनिट खोलने पर लाखों रुपए की मदद दी जा रही है। इस योजना का मकसद है ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाना और दूध उत्पादन को प्रोत्साहित करना।

इस योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति 25 दुधारू पशुओं की डेयरी यूनिट खोलना चाहता है, तो उसे 36 से 42 लाख रुपए तक की मदद दी जाएगी। ये मदद ऋण और अनुदान के रूप में मिलेगी। इस साल सरकार ने पूरे मध्यप्रदेश में 828 डेयरी यूनिट्स के लिए ₹100 करोड़ से ज़्यादा का बजट रखा है। सिर्फ ग्वालियर और चंबल संभाग में ही 152 डेयरियां खुलवाने का लक्ष्य है।

ग्वालियर जिले में इस योजना के तहत 22 डेयरी यूनिट्स खुलेंगी, जिनमें से 18 के प्रकरण तैयार हो चुके हैं। दतिया, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर जिलों में भी डेयरी खोलने के लिए अच्छी तैयारी की जा रही है। इसी तरह चंबल संभाग के भिंड, मुरैना और श्योपुर में भी 10 से 22 यूनिट्स तक का लक्ष्य रखा गया है।

कौन ले सकता है योजना का लाभ?

इस योजना का लाभ वही लोग ले सकते हैं जिनके पास कम से कम साढ़े तीन एकड़ खेती की जमीन है। अगर ज़मीन साझा खाते में है, तो सभी हिस्सेदारों की सहमति ज़रूरी होगी। एक व्यक्ति अधिकतम 8 डेयरी यूनिट्स खोल सकता है, लेकिन यूनिट्स बढ़ने पर ज़मीन भी ज्यादा होनी चाहिए।

कैसे मिलेगी सहायता?

सरकार ये आर्थिक सहायता चार किस्तों में देगी।

  • पहली किस्त में शेड बनाने के लिए 11 से 11.40 लाख रुपए मिलेंगे।
  • दूसरी किस्त में 9 पशुओं की खरीद, बीमा और परिवहन के लिए 9 से 11 लाख रुपए मिलेंगे।
  • तीसरी किस्त में 8 और पशुओं की खरीद के लिए 8 से 9.80 लाख रुपए दिए जाएंगे।
  • आखिरी किस्त में फिर 8 पशुओं की खरीद, बीमा व ट्रांसपोर्ट के लिए 8 से 9 लाख रुपए मिलेंगे।

ये योजना खासकर उन लोगों के लिए वरदान है, जो खुद का काम शुरू करना चाहते हैं और गांव में ही रहकर अच्छा जीवन जीना चाहते हैं।

YuvaSahakar Desk