Trending News

 संसद के बजट सत्र का हुआ शुभारंभ, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को किया संबोधित, कहा- भारत के तेज विकास और विरासत के उत्सव के रूप में स्वर्णिम रहा बीता वर्ष         महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन, बारामती में लैंडिंग के समय प्लेन क्रैश में गई जान, प्लेन में सवार अजित पवार सहित सभी 6 लोगों की मौत         भारत और EU के बीच साइन हुआ दुनिया का सबसे बड़ा FTA, दुनिया की 20% GDP, 17% वैश्विक व्यापार और 25% से अधिक आबादी को कवर करेगी ये ट्रेड डील, दुनिया ने इस समझौते को बताया Mother Of All Deals         वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा, 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कारों की घोषणा, 19 महिलाएं और 16 लोगों को मरणोपरांत पद्म सम्मान       

25 सहकारी चीनी मिलों को मिला नेशनल एफिशिएंसी अवार्ड, चीनी का बिक्री मूल्य बढ़ाने की मांग

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही ईंधन में एथनॉल की मात्रा बढ़ाने और इसकी खरीद मूल्य को बढ़ाने पर विचार कर रही है

Published: 10:00am, 05 Jul 2025

नई दिल्ली के डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज़ (NFCSF) द्वारा आयोजित “नेशनल एफिशिएंसी अवार्ड समारोह” में देश भर से आई कोऑपरेटिव शुगर मिलों को सम्मानित किया गया। इस खास मौके पर चीनी उद्योग के साथ-साथ सहकारी क्षेत्र के कई अहम लोग शामिल हुए।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भाग लिया। अपने भाषण में उन्होंने सरकार की उन नीतियों पर प्रकाश डाला जो किसानों, मिलों और आम उपभोक्ताओं के हित में लाई गई हैं।

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही ईंधन में एथनॉल की मात्रा बढ़ाने और इसकी खरीद मूल्य को बढ़ाने पर विचार कर रही है। इससे न सिर्फ चीनी मिलों को फायदा होगा, बल्कि देश के बायो-एनर्जी सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार एक अलग “सहकारिता मंत्रालय” बनाया गया, जो कि सहकारी आंदोलन को मजबूती देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

कार्यक्रम में साल 2023-24 में बेहतरीन काम करने वाली 25 सहकारी चीनी मिलों को पुरस्कार दिए गए। ये पुरस्कार गन्ना विकास, तकनीकी दक्षता, वित्तीय प्रबंधन, अधिकतम गन्ना पेराई, चीनी रिकवरी और समग्र प्रदर्शन जैसी श्रेणियों में दिए गए। इन पुरस्कारों को प्रह्लाद जोशी, राज्य मंत्री निमूबेन बंभनिया और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने मिलकर दिया।

पूर्व मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में जब एक शुगर फैक्ट्री लगती है तो उससे केवल चीनी नहीं बनती, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार मिलता है, सड़कें बनती हैं, और गांव में समृद्धि आती है। उन्होंने कहा कि “चीनी” भारत के हर त्यौहार और हर खुशी का हिस्सा है।

कार्यक्रम के दौरान एक तकनीकी प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें चीनी मिलों में उपयोग होने वाली नई तकनीकों और कृषि नवाचारों को दिखाया गया। इस प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में लोगों ने रुचि दिखाई।

इसके अलावा, 2 और 3 जुलाई को एक विशेष सेमिनार भी हुआ, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए गन्ना खेती को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि AI से गन्ने की पैदावार का अनुमान लगाना, बीमारियों की पहचान और खेती में सटीकता लाई जा सकती है।

NFCSF के अध्यक्ष हर्षवर्धन पाटिल ने अपने स्वागत भाषण में सरकार को धन्यवाद दिया और चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) बढ़ाने की मांग रखी। उन्होंने यह भी कहा कि एथनॉल की खरीद कीमतें भी बढ़ाई जानी चाहिए ताकि मिलों द्वारा किए गए निवेश का लाभ मिल सके।

NFCSF पूरे देश की 260 सहकारी चीनी मिलों का प्रतिनिधित्व करता है और हर साल यह संस्था इन पुरस्कारों के जरिए बेहतरीन काम करने वालों को सम्मानित करती है। यह आयोजन भारत में सहकारी क्षेत्र की ताकत और योगदान को उजागर करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बन गया।

YuvaSahakar Desk

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x