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मैं यूरोप दौरे पर अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने को बेताब हूं: प्रमोद

हॉकी इंडिया के अनुसार, इस दौरे का उद्देश्य युवा और अनुभवी खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मूल्यवान अनुभव दिलाना है। भारत 'ए' टीम इस दौरान फ्रांस, आयरलैंड और नीदरलैंड के खिलाफ दो-दो मुकाबले खेलेगी, जबकि इंग्लैंड और बेल्जियम से एक-एक मैच खेले जाने हैं।

हरियाणा के छोटे से कस्बे नरवाना के फुलबैक प्रमोद अब संजय की अगुआई मे यूरोप के दौरे पर जाने वाली भारत ए हॉकी टीम में चुने जाने पर बेहद खुश हैं। भारत ए टीम अपने यूरोप दौरे पर आयरलैंड, फ्रांस, नीदरलैंड, इंग्लैंड और बेल्जियम के खिलाफ मच खेलेगी। प्रमोद भारत के लिए पहली बार अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने के कगार पर हैं। भारत ए टीम अपने यूरोप दौरे पर 8 से 20 जुलाई तक आठ मैच खेलेगी।

भारत ए टीम में चुने जाने की बाबत प्रमोद बताते हैं,  ‘ भारत ए टीम में चुने जाने पर मैं और मेरा परिवार बेहद खुश है। मैं हमेशा ही भारत की हॉकी में नुमाइंदगी करना चाहता था। ऐसे भारत ए टीम में चुना जाना मेरे लिए लिए बड़ा कदम है। मेरी अब तक की इस हॉकी यात्रा में मेरी मां का खासा अहम योगदान रहा है। मेरे जन्म से पहले ही मेरे पिता का सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था।‘

प्रमोद की दादी बैंक में काम करती थी और उन्होंने उनकी शुरू में बहुत मदद की। भारत ए टीम में चुने जाने पर प्रमोद बताते हैं, ‘जैसे ही मैंने अपना नाम भारत ए टीम में देखा तो मैंने अपनी मां को फोन इस बाबत बताया। मेरी मां ने मेरा हर मोड़ का बहुत साथ निभाया।’

प्रमोद जब छह बरस के थे तो उन्होंने पहले पहल हॉकी थामी और इसने उनके लिए नए विकल्पो के द्वार खोले। प्रमोद की मां ने गांव में खेतों में काम कर उनको पाला। प्रमोद जब छठी कक्षा में थे तो पहली बार उन्होंने हॉकी थामी और इसने उनके लिए सीएजी में नौकरी सहित नए द्वार खेले। 2025 में सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश के लिए खेल उन्होंन अपनी टीम को रजत पदक जिताने में अहम भूमिका निभाई। यह प्रमोद के लिए निर्णायक मोड़ साबित हुआ और इसने उन्हें राष्ट्रीय सेट में स्थान दिलाया।

अब प्रमोद साई बेंगलुरू में ट्रेनिंग कर रहे हैं। अब तक सब प्रमोद के लिए ठीक-ठाक चल रहा है। प्रमोद साई बेंगलुरू में ट्रेनिंग की बाबत बताते हैं, ‘मैं इस अनुभव का पूरा लाभ उठा रहा हूं, अब तक शिविर बहुत अच्छा रहा है और इसमें हर साथी खिलाड़ी से संवाद का मौका मिला है। मैं शिवर मे हर किसी से संवाद कर रहा है। मैं पहले से शिविर का हिस्सा रहे खिलाड़ियों से भी मिला अर उनसे संवाद किया। इन सभी से मुझे बेशकीमती जानकारी मिली।

प्रमोद भारत ए के कोच शिवेद्र सिंह के मार्गदर्शन की बाबत बताते हुए कहते हैं ,‘मुझे उनसे खास तौर पर टीम के ढांचे और संयोजन की बाबत सीखन बहुत मौका मिला। शिवेंद्र का व्यवहार बहुत मित्रवत हैं और उनकी बात हम बढ़िया ढंग से समझते भी हैं। मैं यूरोप दौरे पर अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने को बेताब हूं। मेरे लिए यह नया अनुभव साबित होगा। मेरा लक्ष्य यूरोपीय दौरे पर अपना सर्वश्रष्ठ प्रदर्शन सीनियर भारतीय टीम में स्थान बनाना है, जिससे मैं वैश्विक मंच पर बराबर बढ़िया प्रदर्शन कर सकूं।’

YuvaSahakar Desk

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