केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को तेलंगाना के निजामाबाद में राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के मुख्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की घोषणा की, जिसमें 2030 तक हल्दी के निर्यात को 1 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹8,549 करोड़) तक पहुंचाने का संकल्प शामिल है। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार, निजामाबाद सांसद डी. अरविंद, और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड हल्दी की पैकिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग, और निर्यात को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करेगा। बोर्ड का प्रमुख उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का अधिकतम मूल्य सुनिश्चित करना, मध्यस्थों पर निर्भरता कम करना, और वैश्विक बाजारों में भारतीय हल्दी की मांग बढ़ाना है। उन्होंने कहा, “भारत सरकार ने 2030 तक 1 अरब डॉलर के हल्दी निर्यात का लक्ष्य रखा है, और इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि हल्दी के औषधीय गुणों, जैसे कि एंटी-वायरल, एंटी-कैंसर, और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करने के लिए अनुसंधान और विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। निजामाबाद, जगतियाल, निर्मल, और कामारेड्डी जैसे तेलंगाना के जिले देश के प्रमुख हल्दी उत्पादक क्षेत्र हैं। 2025 में हल्दी की कीमत ₹18,000-19,000 प्रति क्विंटल तक पहुंच चुकी है, और अगले तीन वर्षों में इसे ₹6,000-7,000 और बढ़ाने का लक्ष्य है।
शाह ने कहा कि यह बोर्ड निजामाबाद को ‘हल्दी की राजधानी’ के रूप में वैश्विक पहचान दिलाने में मदद करेगा। उन्होंने बताया कि भारत विश्व में हल्दी का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता, और निर्यातक है, जो वैश्विक व्यापार का 62% से अधिक हिस्सा रखता है। 2023-24 में भारत ने 1.62 लाख टन हल्दी और हल्दी उत्पादों का निर्यात किया, जिसका मूल्य $226.5 मिलियन था।
अमित शाह ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे का परिणाम है। इस बोर्ड की स्थापना से न केवल निजामाबाद बल्कि पूरे देश के हल्दी किसानों की 40 वर्ष पुरानी मांग पूरी हुई है। केंद्र सरकार ने हल्दी की गुणवत्ता में सुधार, अनुसंधान, और किसानों की आय बढ़ाने के लिए ₹200 करोड़ का आवंटन भी किया है।
यह बोर्ड न केवल किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त करेगा, बल्कि जैविक हल्दी और जीआई टैगिंग को बढ़ावा देगा। राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड किसानों को आधुनिक खेती तकनीकों का प्रशिक्षण देगा और निर्यात मानकों को पूरा करने के लिए उनकी उपज की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा। इसके अतिरिक्त, भारत सहकारी निर्यात लिमिटेड और भारत जैविक सहकारी लिमिटेड के शाखा कार्यालय निजामाबाद में स्थापित किए जाएंगे।


