उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी कानपुर में स्थित पराग डेयरी का आधुनिक प्लांट एक बार फिर उत्पादन और वितरण के लिए तैयार है। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) ने 10 वर्षों के लिए इस डेयरी के संचालन की जिम्मेदारी ली है। इस संबंध में लखनऊ में बुधवार को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
निरालानगर स्थित इस प्लांट की स्थापना वर्ष 1962 में की गई थी और यह 56 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है। शुरू में इसकी दूध उत्पादन क्षमता 50 हजार लीटर थी, जो समय के साथ घटती चली गई और अंततः वर्ष 2013 में प्लांट को बंद करना पड़ा। इसके बाद वर्ष 2016 में 166 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक प्लांट का निर्माण किया गया, जिसकी कुल क्षमता चार लाख लीटर है – जिसमें दो लाख लीटर दूध और दो लाख लीटर दूध पाउडर उत्पादन की क्षमता शामिल है।
हालांकि प्लांट के शुरू होने में कई वर्षों की देरी हुई क्योंकि करीब 26 करोड़ रुपये की बकाया देनदारी के कारण उत्पादन संभव नहीं हो पाया था। अक्टूबर 2023 में निजी कंपनियों के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन अत्यधिक देनदारियों के चलते कोई कंपनी आगे नहीं आई। बाद में राज्य सरकार ने इसे NDDB को सौंपने का निर्णय लिया, जिसे अब औपचारिक रूप से मंजूरी मिल गई है।
पराग दुग्ध डेयरी के प्रबंधक श्री सुनील कुमार वत्स ने बताया कि NDDB द्वारा जल्द ही प्लांट का संचालन शुरू किया जाएगा। ट्रायल तिथियों की घोषणा शीघ्र की जाएगी। प्लांट में प्रतिदिन दूध, दही, मक्खन, दूध पाउडर, पनीर और घी का उत्पादन होगा। अनुमान है कि इससे करीब एक हजार लोगों को रोजगार मिलेगा, जिनमें पुराने कर्मचारियों को भी प्राथमिकता दी जा सकती है।
इस पहल से न केवल स्थानीय किसानों और दुग्ध उत्पादकों को बाजार मिलेगा, बल्कि कानपुर नगर और आस-पास के क्षेत्रों में दुग्ध आपूर्ति की स्थिरता भी सुनिश्चित होगी। साथ ही, बकायेदारों और पूर्व कर्मचारियों की देनदारी निपटाने पर भी सरकार द्वारा विचार किया जा रहा है।


