Trending News

 संसद के बजट सत्र का हुआ शुभारंभ, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को किया संबोधित, कहा- भारत के तेज विकास और विरासत के उत्सव के रूप में स्वर्णिम रहा बीता वर्ष         महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन, बारामती में लैंडिंग के समय प्लेन क्रैश में गई जान, प्लेन में सवार अजित पवार सहित सभी 6 लोगों की मौत         भारत और EU के बीच साइन हुआ दुनिया का सबसे बड़ा FTA, दुनिया की 20% GDP, 17% वैश्विक व्यापार और 25% से अधिक आबादी को कवर करेगी ये ट्रेड डील, दुनिया ने इस समझौते को बताया Mother Of All Deals         वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा, 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कारों की घोषणा, 19 महिलाएं और 16 लोगों को मरणोपरांत पद्म सम्मान       

सहकारी क्षेत्र को लोकप्रिय बनाने के लिए शॉर्ट फिल्मों और सोशल मीडिया पर जोर

सहकारी क्षेत्र को युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया, शॉर्ट फिल्मों और रील्स के प्रभावी उपयोग पर ज़ोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में NAFFC और राष्ट्रीय सहकारी संघ ने सहकारी फिल्मों के निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया।

Published: 08:00am, 26 Jun 2025

सहकारी आंदोलन को डिजिटल माध्यमों के ज़रिए युवाओं से जोड़ने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नेशनल फिल्म एंड फाइन आर्ट्स कोऑपरेटिव (NAFFC) ने हाल ही में राष्ट्रीय सहकारी संघ के सहयोग से एक कार्यशाला का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य सहकारी क्षेत्र की सफलता की कहानियों को शॉर्ट फिल्मों, सोशल मीडिया और रील्स के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाना रहा।

कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय सहकारी गठबंधन (ICA) एशिया प्रांत के अध्यक्ष डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि आज का युग डिजिटल मीडिया का है और सहकारी संगठनों को इसके माध्यम से विशेषकर युवाओं से जुड़ना चाहिए। उन्होंने सहकारिता की उपलब्धियों को रचनात्मक तरीकों से प्रस्तुत करने का आह्वान किया।

सहकारी प्रशिक्षण परिषद की सचिव मीनू शुक्ला पाठक ने सहकारी संस्थाओं से अनुरोध किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में शॉर्ट फिल्में और वृत्तचित्र बनाएं ताकि सहकारिता की अवधारणा को आम नागरिकों तक सुलभ और रोचक तरीके से पहुँचाया जा सके।

इफको के महाप्रबंधक संतोष शुक्ला ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल मीडिया, विशेष रूप से शॉर्ट फिल्में, सहकारी क्षेत्र की शक्ति और संभावनाओं को उजागर करने का अत्यंत प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने युवाओं को इस अभियान से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

एनएएफएफसी की स्थापना वर्ष 1982 में हुई थी, और यह संस्था सहकारी फिल्मों, वृत्तचित्र निर्माण एवं मीडिया प्रशिक्षण के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही है। वर्तमान समय में जब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का प्रभाव व्यापक है, ऐसे में यह संस्था सहकारी आंदोलन को नई दिशा देने में सक्षम सिद्ध हो रही है।

YuvaSahakar Desk

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x