Trending News

 संसद के बजट सत्र का हुआ शुभारंभ, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को किया संबोधित, कहा- भारत के तेज विकास और विरासत के उत्सव के रूप में स्वर्णिम रहा बीता वर्ष         महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन, बारामती में लैंडिंग के समय प्लेन क्रैश में गई जान, प्लेन में सवार अजित पवार सहित सभी 6 लोगों की मौत         भारत और EU के बीच साइन हुआ दुनिया का सबसे बड़ा FTA, दुनिया की 20% GDP, 17% वैश्विक व्यापार और 25% से अधिक आबादी को कवर करेगी ये ट्रेड डील, दुनिया ने इस समझौते को बताया Mother Of All Deals         वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा, 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कारों की घोषणा, 19 महिलाएं और 16 लोगों को मरणोपरांत पद्म सम्मान       

मध्य प्रदेश में सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना: किसानों को मिलेगी सस्ती बिजली, बढ़ेगा स्वरोजगार

मध्य प्रदेश सरकार की सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना के तहत किसानों और छोटे निवेशकों को सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली उत्पादन का अवसर मिलेगा। यह योजना पीएम-कुसुम योजना का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत 8000 कृषि फीडरों पर सौर संयंत्र स्थापित कर 35 लाख कृषि पंपों को दिन में सस्ती बिजली प्रदान की जाएगी। 25 वर्षों के विद्युत क्रय अनुबंध, 3% ब्याज छूट, और स्थानीय रोजगार सृजन के साथ यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी।

Published: 16:57pm, 10 Jun 2025

मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की उत्पादन लागत कम करने और सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना शुरू की है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने 8 जून, 2025 को भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि यह योजना किसानों और छोटे निवेशकों को सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली उत्पादक बनने का अवसर प्रदान करेगी। यह पहल प्रधानमंत्री कुसुम योजना के घटक-सी (फीडर स्तर सोलराइजेशन) का विस्तार है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना और कृषि क्षेत्र में विद्युत सब्सिडी का बोझ कम करना है।

योजना के तहत, राज्य के लगभग 8000 पृथक कृषि फीडरों और मिश्रित फीडरों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जो 35 लाख कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से संचालित करेंगे। श्री शुक्ला ने बताया कि विद्युत सब-स्टेशनों की 100% क्षमता तक सौर परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी, जिससे किसानों को दिन में विश्वसनीय और सस्ती बिजली मिलेगी। यह योजना वोकल फॉर लोकल के तहत स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश और रोजगार के अवसर सृजित करेगी। शासन के साथ 25 वर्षों का विद्युत क्रय अनुबंध सुनिश्चित करेगा कि निवेशकों को दीर्घकालिक आय प्राप्त हो।

योजना का प्रमुख उद्देश्य दिन में कृषि लोड का प्रबंधन कर किसानों को सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराना है। इससे किसानों की जीवनशैली व्यवस्थित होगी और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। सौर संयंत्र 11 किलोवोल्ट साइड पर बिजली प्रदान करेंगे, जिससे सभी फीडरों को एक साथ दिन में बिजली मिल सकेगी। इससे सब-स्टेशनों पर ओवरलोडिंग, लो-वोल्टेज, और पावर कट की समस्याएं कम होंगी। साथ ही, मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को कम दर पर बिजली उपलब्ध होगी, जिससे कृषि क्षेत्र में सब्सिडी का बोझ घटेगा।

मंत्री ने बताया कि अब तक 80 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाएं स्थापित हो चुकी हैं, जिनसे 16,000 से अधिक कृषि पंपों को बिजली मिल रही है। 240 मेगावाट की परियोजनाएं स्थापना के चरण में हैं, और 200 मेगावाट की परियोजनाएं प्रक्रियाधीन हैं। कुल 520 मेगावाट की इन परियोजनाओं से एक लाख से अधिक पंपों को सौर ऊर्जा से बिजली मिलेगी। पीएम-कुसुम योजना के तहत 3.45 लाख पंपों का सोलराइजेशन लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से शेष 2.45 लाख पंपों को इस योजना के तहत शामिल किया जाएगा।

मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (MPUVNL) ने 1200 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाओं के लिए निविदा जारी की है, जिसमें पीएम-कुसुम योजना के तहत 30% केंद्रीय वित्तीय सहायता (1.05 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट तक) का लाभ मिलेगा। परियोजनाओं को कृषि इन्फ्रा फंड के तहत 7 वर्षों तक 3% ब्याज छूट प्राप्त होगी। स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) साइन किए गए हैं।

4 से 8 जून, 2025 के दौरान जर्मन संस्था GIZ के सहयोग से 100 से अधिक डेवलपर्स और संयंत्र स्थापकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण परियोजनाओं की स्थापना, संचालन, और रखरखाव में सहायता प्रदान करेगा। वर्तमान में 1900 से अधिक सब-स्टेशनों पर 14,500 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं चयन के लिए उपलब्ध हैं।

मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि यह योजना मध्य प्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल किसानों को सस्ती बिजली प्रदान करेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगी।

YuvaSahakar Desk

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x