केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर और सहकारिता मंत्रालय में राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने की। बैठक में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक का उद्देश्य पूर्व में दिए गए निर्देशों की प्रगति की समीक्षा करना तथा मीडिया, प्रकाशन और प्रचार से जुड़ी योजनाओं पर आगे की रणनीति तय करना था। बैठक में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 को दृष्टिगत रखते हुए प्रचार योजना को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के उपरांत मुरलीधर मोहोल ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारी आंदोलन को ग्रामीण विकास और किसानों की समृद्धि के लिए सशक्त बनाया जा रहा है।
बैठक में सहकारी संस्थाओं की कार्य रिपोर्टों की समीक्षा की गई और यह निर्णय लिया गया कि सहकारिता मंत्रालय की योजनाओं की जानकारी क्षेत्रीय भाषाओं में भी लोगों तक पहुंचाई जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे लाभान्वित हो सकें।
मीडिया, सोशल मीडिया, प्रिंट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से एकरूपता के साथ प्रचार करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। बैठक में तय किया गया कि “सहकार से समृद्धि” थीम के अंतर्गत सफल सहकारी मॉडलों और प्रेरणादायक कहानियों को उजागर किया जाएगा।
इस अवसर पर मंत्रालय के निदेशक कपिल मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं मीडिया विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व मई माह में संयुक्त सचिव आनंद कुमार झा ने भी इसी विषय पर दिल्ली में समीक्षा बैठक आयोजित की थी।


