स्टार्टअप को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने अगले पांच वर्ष में 1,000 स्टार्टअप बनाने का लक्ष्य तय किया है। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड भी बनाया है। राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम का समुचित विकास करने के लिए धामी सरकार स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन एवं बुनियादी ढांचे के निर्माण में भी सहयोग प्रदान कर रही है।
पिछले दिनों देहरादून में आयोजित मुख्य सेवक संवाद के तहत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्टार्टअप संवाद कार्यक्रम में स्टार्टअप को बढ़ावा देने वाले राज्यभर से आए लोगों से संवाद किया एवं उनके महत्वपूर्ण सुझावों को सुना। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य पांच वर्ष में प्रत्येक जनपद में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करना है। इन केंद्रों की मदद से 1,000 स्टार्टअप तैयार किए जाएंगे।
राज्य के युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में उद्यमिता संबंधित पाठ्यक्रम भी लागू किए हैं। साथ ही डेडिकेटेड स्टार्टअप पोर्टल भी शुरू किया गया है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर वे स्टार्टअप शुरू करने के लिए आगे आएं। राज्य सरकार का मत है कि युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनें। आज देश में नवाचार के माध्यम से बदलाव लाने वालों को एक उचित मंच दिया जा रहा है। प्रतिभाशाली युवा नवाचार के माध्यम से अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं।
केंद्र सरकार की नीतियों से भारत स्टार्टअप का वैश्विक हब बनकर उभरा है। स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया जैसी केंद्रीय योजनाओं से युवाओं के लिए नए मार्ग खुले हैं। उत्तराखंड भी स्टार्टअप क्षेत्र में देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। राज्य में स्टार्टअप्स के लिए बेहतर इकोसिस्टम विकसित किया गया है और स्टार्टअप नीति 2023 को लागू किया गया है। इसके तहत सीड फंडिंग के लिए 15 लाख रुपये तक का अनुदान एवं प्रारंभिक चरण में 22 हजार रुपये प्रतिमाह तक का भत्ता उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना कर नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा दे रही है। इन्क्यूबेशन सेंटर को शैक्षणिक संस्थानों से जोड़ा गया है। सरकार इन सभी के नोडल इन्क्यूबेशन सेंटर के रूप में 60 करोड़ रुपये की लागत से देहरादून स्थित आईटी पार्क में विश्वस्तरीय उत्तराखण्ड इनोवेशन हब की स्थापना कर रही है। राज्य सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड के 1,300 से अधिक स्टार्टअप्स भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कर चुके हैं। इनमें से 50 प्रतिशत स्टार्टअप्स महिलाओं द्वारा शुरू किए गए हैं।
स्टार्टअप संवाद कार्यक्रम में शामिल डिजाइन स्टूडियो की फाउंडर श्रद्धा नेगी ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार स्टार्टअप को नई पहचान दिलाने का कार्य कर रही है। वह स्वयं वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा दे रही हैं और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से एक जिला एक उत्पाद में स्थानीय कला, वास्तुकला और शिल्प को शामिल किए जाने का आग्रह किया।
इन्टीग्रेटेड मेरीटाइम एक्सचेंज प्राइवेट लिमिटेड के कुणाल उनियाल ने मुख्यमंत्री से डिजिटल अवसंरचना के लिए नीति बनाने और उसे राज्य स्तरीय नवाचार मिशनों में शामिल करने का आग्रह किया। प्लक्स मोटर्स के विकास शाह ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने हिमालयी क्षेत्र के लिए उपयुक्त इलेक्ट्रिक बाइक को विकसित किया है जिसके लिए उन्हें शुरुआत में वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री से नवाचारों को प्रारंभिक चरण से आगे बढ़ाने तक के लिए भी सब्सिडी का प्रावधान करने एवं टैक्स को कम करने का आग्रह किया।
पिथौरागढ़ से आई हिमग्रेस ऑर्गेनिक्स की संस्थापक बबीता सिंह ने बताया कि वह ग्रामीण क्षेत्रों में खेती कर किसानों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से ग्रामीण ग्रामीण क्षेत्रों में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने वाले लोगों को विशेष रूप से सहायता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा स्टार्टअप शुरू करने वाले स्थान तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचे, इसका भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। एग्रीज्वाय एल.एल.पी. के संस्थापक चंद्रमणी कुमार ने बताया कि वे पहाड़ में संरक्षित खेती के माध्यम से कृषि व्यवसाय कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से स्टार्टअप कर रहे लोगों के लिए कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था निःशुल्क उपलब्ध कराए जाने का आग्रह किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने उन्नत उत्तराखंड नामक पुस्तक का भी विमोचन किया।


