वित्तीय समावेशन, सहकारिता विस्तार और ग्रामीण बैंकिंग को नई दिशा देने वाली श्री बीरेश्वर को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी लिमिटेड ने एक ऐतिहासिक पहल की है। अब यह संस्था पूर्ण सहकारी बैंक के रूप में कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस मल्टी-स्टेट संस्था का मुख्यालय कर्नाटक के बेलगावी के एक्संबा में स्थित है और इसका कार्यक्षेत्र कर्नाटक, महाराष्ट्र एवं गोवा तक फैला हुआ है।
संस्था के मुख्य प्रवर्तक एवं वरिष्ठ सहकारी नेता अन्नासाहेब शंकर जोले ने जानकारी दी कि “सहकारी सिद्धांतों को बनाए रखते हुए हमने बैंकिंग का दर्जा प्राप्त करने हेतु संबंधित नियामक प्राधिकरणों के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। यह प्रक्रिया प्रारंभिक समीक्षा में है।”
संस्था के पास वर्तमान में कुल 226 शाखाओं का सशक्त नेटवर्क है, जिनमें से 84 शाखाएं बेलगाव जिले में स्थित हैं। महाराष्ट्र में पहले से 46 शाखाओं के साथ संस्था अब पश्चिम महाराष्ट्र में 15 नई शाखाएं खोलने की तैयारी कर रही है।
जोले ने बताया कि संस्था ग्रामीण जनता के हित में DICGC बीमा कवरेज जैसे प्रावधानों को क्रेडिट को-ऑपरेटिव्स के लिए भी लागू करने की मांग कर रही है, जिससे ग्रामीण स्तर पर वित्तीय विश्वास और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
क्रेडिट स्कोरिंग प्रणाली (जैसे CIBIL) और चेकबुक जैसी बैंकिंग सुविधाओं की उपलब्धता को भी आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि क्रेडिट सोसायटी को तकनीकी और नियामक दृष्टि से अधिक सशक्त किया जाना चाहिए।
संस्था ने अपने कर्मचारियों के कल्याण हेतु ‘बीरेश्वर कर्मचारी पेंशन ट्रस्ट’ के अंतर्गत ₹25,000, ₹20,000 और ₹15,000 की श्रेणियों में आजीवन पेंशन योजना लागू की है। हर माह ₹4 करोड़ का वेतन व्यय संस्था द्वारा किया जा रहा है।
लगभग ₹7,700 करोड़ के बिजनेस मिक्स के साथ श्री बीरेश्वर को-ऑपरेटिव अब ₹10,000 करोड़ का लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। संस्था का आधुनिक मुख्यालय न केवल कार्यक्षमता में, बल्कि स्थापत्य एवं डिज़ाइन में भी निजी कॉर्पोरेट संस्थानों को चुनौती देता है।


