सहकारिता मंत्रालय के अधीन कार्यरत राष्ट्रीय सहकारिता प्रशिक्षण परिषद (NCCT) देश में सहकारिता क्षेत्र को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है। 1976 में स्थापित एवं सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के अंतर्गत पंजीकृत यह संस्था सहकारी संगठनों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन, मूल्यांकन एवं निगरानी की प्रमुख इकाई है।
वर्तमान में 2009 बैच की IRS अधिकारी श्रीमती मीनू शुक्ला पाठक इस संस्था की सचिव के रूप में कार्यरत हैं। देशभर में फैले प्रशिक्षण नेटवर्क में वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान (VAMNICOM), पाँच क्षेत्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान (RICMs) एवं 14 सहकारी प्रबंधन संस्थान (ICMs) सम्मिलित हैं।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में NCCT द्वारा कुल 3,619 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 2.21 लाख से अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रयास सहकारिता संस्थाओं को नेतृत्व क्षमता, व्यावसायिकता एवं नवाचार की ओर प्रेरित करने की दिशा में किए गए हैं।
प्रशिक्षण गतिविधियों में विविधता और व्यावहारिकता का विशेष ध्यान रखा गया। ICM पटना में वाणिज्यिक डेयरी फार्मिंग एवं पशुपालन से संबंधित उद्यमिता पर DGR प्रतिभागियों के लिए विशेष सत्र आयोजित हुआ। ICM कन्नूर में नव-निर्वाचित निदेशकों के लिए प्रबंधन प्रशिक्षण हुआ। RICM बेंगलुरु में सेना से सेवानिवृत्त अधिकारियों के लिए सेल्स मैनेजमेंट पर प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम संचालित हुआ, जिसका उद्घाटन कर्नल सनिल दामोदरन ने किया।
RICM तिरुवनंतपुरम में लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम Rule 50(A) के अंतर्गत चेयरपर्सन एवं निदेशकों के लिए आयोजित हुआ। MICM भुवनेश्वर ने मत्स्य निदेशालय के सहयोग से PFCS/FFPO सदस्यों हेतु क्षमता विकास प्रशिक्षण प्रदान किया। ICM नागपुर ने सॉफ्ट स्किल्स पर विशेष वर्कशॉप आयोजित की।
NCCT का यह समग्र दृष्टिकोण न केवल सहकारिता संस्थाओं को सशक्त बना रहा है, बल्कि यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य की पूर्ति में भी सहायक सिद्ध हो रहा है। संस्था द्वारा कौशल विकास, नवाचार एवं नेतृत्व प्रशिक्षण को प्राथमिकता देकर ग्रामीण से शहरी स्तर तक सहकारिता आंदोलन को आधुनिक स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।


