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डेयरी सहकारिता को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की पहल, स्थापित होंगी 3 नई बहु राज्य सहकारी समितियां

नई दिल्ली में सहकारी डेयरी क्षेत्र में सस्टेनेबिलिटी और सर्क्युलैरिटी को बढ़ावा देने हेतु केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में तीन नई बहुराज्यीय सहकारी समितियों के गठन का निर्णय लिया गया जो डेयरी क्षेत्र में पारिस्थितिकीय स्थिरता, गोबर प्रबंधन और पशु अवशेषों के पुनः उपयोग पर काम करेंगी।

Published: 12:00pm, 21 May 2025

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 20 मई को नई दिल्ली में सहकारी डेयरी क्षेत्र में सस्टेनेबिलिटी और सर्क्युलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सहकारी डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने और इसे पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस दौरान तीन नई बहुराज्यीय सहकारी समितियों की स्थापना का प्रस्ताव स्वीकार किया गया।

पहली समिति पशु आहार निर्माण, रोग नियंत्रण, और कृत्रिम गर्भाधान जैसे क्षेत्रों में कार्य करेगी। दूसरी समिति गोबर प्रबंधन के नवाचार और प्रभावी मॉडल विकसित करने पर ध्यान देगी, जबकि तीसरी समिति मृत मवेशियों के अवशेषों के सर्क्युलर उपयोग को बढ़ावा देगी। ये पहल डेयरी क्षेत्र को न केवल उत्पादक बनाएंगी, बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता को भी सुनिश्चित करेंगी।

इस बैठक में केन्द्रीय सहकारिता राज्यमंत्री श्री कृष्णपाल सिंह गुर्जर और श्री मुरलीधर मोहोल, सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी, डेयरी और पशुपालन विभाग की सचिव श्रीमती अलका उपाध्याय, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह, और नाबार्ड के अध्यक्ष श्री शाजी के.वी. उपस्थित रहे।

केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने श्वेत क्रांति 2.0 के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा कि सहकारी डेयरी क्षेत्र का लक्ष्य केवल उत्पादन और दक्षता बढ़ाना नहीं होना चाहिए, बल्कि एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना चाहिए जो सतत हो और चक्रीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा, “किसानों की आय में वृद्धि के लिए एकीकृत सहकारिता नेटवर्क का निर्माण आवश्यक है, जहां सहकारी समितियां परस्पर सहयोग के साथ कार्य करें।” उन्होंने दुग्ध संघों और सहकारी समितियों को सशक्त बनाने, डेयरी संयंत्रों में खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने, और आधुनिक तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

अमित शाह ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी), राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी), और नाबार्ड जैसी संस्थाओं की सहकारिता क्षेत्र में योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के मार्गदर्शन में इन संस्थाओं का परस्पर सहयोग सहकारी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और किसान-केन्द्रित योजनाओं को देशभर में लागू करने में मदद मिलेगी।

ये प्रयास न केवल डेयरी क्षेत्र को सशक्त करेंगे, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सहकारी डेयरी क्षेत्र में सस्टेनेबिलिटी और सर्क्युलैरिटी को अपनाने से भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव की उम्मीद है।

YuvaSahakar Desk