बिहार के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने पटना में आयोजित एक विशेष समारोह में राज्य फसल सहायता योजना के तहत 41,910 किसानों के खातों में 46.49 करोड़ रुपये की सहायता राशि हस्तांतरित की। यह राशि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से वितरित की गई। जिला स्तरीय समन्वय समिति ने इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न किया।
डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि शेष प्रभावित किसानों को भी शीघ्र सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना पूर्णतः निशुल्क है, और किसानों को किसी भी प्रकार का प्रीमियम भुगतान नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और उनकी आजीविका को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में मई माह के दौरान राज्य के सभी सहकारी बैंकों में विशेष बैंकिंग अभियान शुरू करने की घोषणा की। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को सहकारी बैंकों में खाता खोलने, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), और गोल्ड लोन जैसी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
साथ ही, डॉ. कुमार ने बताया कि 15 जून से राज्य के सभी प्रखंडों और पंचायतों में चौपाल का आयोजन किया जाएगा। इन चौपालों के माध्यम से सहकारिता विभाग की योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी ग्रामीण जनता तक पहुंचाई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम में सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेंद्र सिंह, बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री मनोज कुमार सिंह, डीएनएस के निदेशक श्री कुमार प्रियरंजन, और श्री ललन कुमार शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यह पहल बिहार में सहकारी तंत्र को मजबूत करने और किसानों के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।


