देश में रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को घटाने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय सहकारी संस्था इफको (IFFCO) ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इफको ने उत्तर प्रदेश स्थित अपनी दो प्रमुख इकाइयों – फूलपुर और आंवला में नैनो डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) लिक्विड उर्वरक का व्यावसायिक उत्पादन प्रारंभ कर दिया है। दोनों यूनिट्स प्रतिदिन दो-दो लाख बोतलों का उत्पादन करने में सक्षम हैं, जिससे देशभर के किसानों को अब यह आधुनिक उर्वरक आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।
इफको के प्रबंध निदेशक और सीईओ श्री यू.एस. अवस्थी ने इस उपलब्धि पर दोनों इकाइयों को बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेशों में कहा कि नैनो डीएपी उत्पादन की शुरुआत “इफको की सफलता में नैनो पंख जोड़ने” जैसा है। उन्होंने फूलपुर इकाई के यूनिट हेड श्री संजय कुदेशिया और आंवला यूनिट के यूनिट हेड श्री सत्यजीत प्रधान को टीम सहित इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं।
श्री अवस्थी ने बताया कि किसानों से मिली उत्साहजनक प्रतिक्रिया को देखते हुए नैनो डीएपी का उत्पादन बढ़ाया गया है। इससे न केवल नैनो उर्वरकों की आपूर्ति बढ़ेगी, बल्कि रासायनिक उर्वरकों की निर्भरता भी घटेगी। इससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार, उत्पादन लागत में कमी और कृषि उपज की गुणवत्ता में वृद्धि सुनिश्चित होगी।
इफको लंबे समय से प्राकृतिक और पर्यावरण अनुकूल उर्वरकों के विकास और प्रचार-प्रसार में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। संस्था प्राइमरी और सेकेंडरी न्यूट्रिएंट्स, पानी में घुलनशील खाद, जैविक व बायो फर्टिलाइजर्स, माइक्रो न्यूट्रिएंट्स और शहरी बागवानी से संबंधित उत्पादों का उत्पादन और वितरण कर रही है।
इफको का उद्देश्य है कि किसानों को बेहतर तकनीक और आधुनिक खाद की सुविधा उपलब्ध कराकर उनकी लागत को घटाया जाए और आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाए। नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे उत्पादों से यह लक्ष्य हासिल करने में मदद मिल रही है।


