पाकिस्तान के साथ चल रहे तनाव के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में खाद्यान्न, सब्जियों और आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। सरकारी सूत्रों ने ‘बिजनेस टुडे’ टीवी को बताया कि दालों और सब्जियों जैसी प्रमुख वस्तुओं की कीमतों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सरकार सभी शहरों में इनकी नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। इस संबंध में सरकार आज से राज्य खाद्य सचिवों और प्रमुख अधिकारियों के साथ बैठकें शुरू करेगी।
इन बैठकों में राज्यों से मुनाफाखोरी, जमाखोरी और खाद्यान्न की कमी के बारे में गलत सूचना को रोकने का आग्रह किया जाएगा। भारत-पाकिस्तान तनाव और युद्ध की संभावनाओं को देखते हुए सरकार हर स्थिति के लिए तैयार है। केंद्र सरकार राज्यों के साथ निरंतर संपर्क में है और आपात स्थिति में आम लोगों को किसी भी आवश्यक वस्तु की कमी न हो, इसके लिए निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली में कृषि भवन में अधिकारियों के साथ बैठक कर खाद्यान्न उपलब्धता पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि देश में खाद्यान्न भंडार पर्याप्त हैं और किसी भी स्थिति में कमी की संभावना नहीं है। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, “सीमा पर जवान और खेतों में किसान तैयार हैं। हमारे अन्न भंडार पूर्ण हैं। इस वर्ष बंपर उत्पादन हुआ है और आने वाली फसलों के लिए भी स्थितियां अनुकूल हैं। देशवासी निश्चिंत रहें।”
वर्तमान में खाद्यान्न उत्पादन 3,474.42 लाख मीट्रिक टन है, जिसमें चावल 1,464.02 लाख मीट्रिक टन, गेहूं 1,154 लाख मीट्रिक टन, दलहन 250.97 लाख मीट्रिक टन, तिलहन 428.98 लाख मीट्रिक टन और बागवानी फसलें 3,621 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं। प्रमुख सब्जियों में आलू 595 लाख मीट्रिक टन, प्याज 288 लाख मीट्रिक टन और टमाटर 215 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ है। यह पर्याप्त भंडार देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करता है।


