स्मार्ट और सतत कृषि को बढ़ावा देने के मकसद से IIT रोपड़ में 21 अप्रैल को HARVEST एशिया प्रशांत शिखर सम्मेलन का आयोजन हुआ। यह सम्मेलन HARVEST परियोजना के तहत आयोजित किया गया, जिसका फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार और समावेशी परिवर्तन पर रहा।
सम्मेलन में FPOs (किसान उत्पादक संगठन) के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने पर विशेष ज़ोर दिया गया। देश-विदेश की 10 से अधिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें वैज्ञानिक, सरकारी अधिकारी, शोधकर्ता और अकादमिक संस्थान शामिल थे।
प्रमुख संस्थाएं जैसे AWaDH, ANNAI.AI, NEDAC और PI-RAHI ने डिजिटल खेती, AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता), मृदा स्वास्थ्य और जलवायु-अनुकूल खेती जैसे अहम विषयों पर अपनी बात रखी। साथ ही i-Hub और IFS जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई।
संयुक्त राष्ट्र के 2025 को “अंतर्राष्ट्रीय सहकारी वर्ष” घोषित करने के तहत, इस सम्मेलन की थीम थी — “सहकारिता एक बेहतर दुनिया का निर्माण करती है”।
HARVEST परियोजना के ज़रिए भारत अब वैश्विक सतत कृषि नेतृत्व की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है। यह सम्मेलन आने वाले दिनों में नई साझेदारियों और ठोस नीतियों की नींव रखेगा।


