Trending News

 भारत और EU के बीच ट्रेड डील पर हुआ ऐतिहासिक समझौता, इंडिया एनर्जी वीक 2026 को संबोधित करते पीएम मोदी ने की फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की घोषणा, कहा- यह मदर ऑफ ऑल डील्स         वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा, 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कारों की घोषणा, 19 महिलाएं और 16 लोगों को मरणोपरांत पद्म सम्मान         दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र, वीएस अच्युतानंद, पी. नारायणन, एन. राजम और केटी थॉमस को पद्म विभूषण, अल्का याग्निक, शिबू सोरेन, उदय कोटक और विजय अमृतराज सहित 13 लोगों को पद्म भूषण सम्मान         दिग्गज क्रिकेटर रोहित शर्म और महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री सम्मान, हॉकी खिलाड़ी सविता पुनिया और पैरा एथलीट प्रवीण कुमार को पद्मश्री, 45 गुमनाम नायकों सहित 113 लोगों को पद्म श्री सम्मान          इफको ने बोर्ड के दो डायरेक्टर राकेश कपूर और बिरिंदर सिंह को दिया 2-2 साल का एक्सटेंशन, भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे आईटी डायरेक्टर एके गुप्ता को नहीं मिला एक्सटेंशन         भोपाल में स्थापित होगी MP की पहली सहकारी क्षेत्र की अत्याधुनिक केन्द्रीय राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला, आम उपभोक्ता भी करा सकेंगे दूध एवं दुग्ध उत्पादों की जांच        

सहकारी बैंकों से किसानों और लघु उद्यमियों को सस्ता ऋण, ब्याज में भी छूट

 राज्य के सभी जिलों के किसान और लघु उद्यमी अब इन बैंकों से दीर्घकालीन कृषि और अकृषि ऋण ले सकेंगे। राज्य भूमि विकास बैंक ने 36 प्राथमिक सहकारी बैंकों को यह जिम्मेदारी सौंपी है।

राज्य के सभी जिलों के किसान और लघु उद्यमी अब सहकारी भूमि विकास बैंकों के माध्यम से दीर्घकालीन कृषि और अकृषि ऋण प्राप्त कर सकेंगे


Published: 09:00am, 06 Mar 2025

भजनलाल सरकार ने प्रदेश के किसानों और लघु उद्यमियों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। अब सहकारी भूमि विकास बैंकों के जरिए किसानों को दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। यह ऋण ब्याज अनुदान योजनाओं के तहत दिया जाएगा, जिसके लिए 36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों को 130 करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस कदम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने बताया कि उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों के किसान और लघु उद्यमी अब इन बैंकों से दीर्घकालीन कृषि और अकृषि ऋण ले सकेंगे। राज्य भूमि विकास बैंक ने 36 प्राथमिक सहकारी बैंकों को यह जिम्मेदारी सौंपी है। यह ऋण राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत 7 प्रतिशत और 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत दिया जाएगा। पहले नाबार्ड से पुनर्वित्त की कमी के कारण कई बैंकों में ऋण वितरण रुका हुआ था, लेकिन अब नाबार्ड ने पुनर्वित्त शुरू कर दिया है और एनसीडीसी ने ब्याज दरों में कटौती की है। इससे ऋण वितरण का रास्ता साफ हो गया है।

मंत्री दक ने आगे बताया कि ब्याज अनुदान के कारण दीर्घकालीन कृषि ऋण केवल 5.05 प्रतिशत और अकृषि उत्पादक ऋण 7.05 प्रतिशत की कम ब्याज दर पर उपलब्ध होगा। इससे किसानों और लघु उद्यमियों को आर्थिक बोझ कम होगा। खास बात यह है कि प्रदेश के 15 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों, जहां पिछले 5-6 साल से ऋण वितरण नहीं हुआ था, उन्हें भी अब लक्ष्य दिया गया है। इनमें अजमेर, केकड़ी, टोंक, हिण्डौन, सवाई माधोपुर, जालौर, पाली, सिरोही, बारां, बूंदी, झालावाड़, कोटा, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर शामिल हैं।

यह पहल प्रदेश की दीर्घकालीन सहकारी साख संरचना (SLDB/PLDBs) को पुनर्जनन देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। सरकार का मानना है कि इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि लघु उद्यमियों को भी अपने व्यवसाय को बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह कदम सहकारिता क्षेत्र में नए अवसर पैदा करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

YuvaSahakar Desk

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x