वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में भारतीय युवाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को 10वां स्थान दिलाया। भारत ने इस वैश्विक कौशल प्रतियोगिता में 6 रजत पदक और 20 उत्कृष्टता पदक हासिल किए। यह प्रदर्शन वर्ल्डस्किल्स ल्यों 2024 के मुकाबले बेहतर रहा, जहां भारत 13वें स्थान पर था।
भारत के लिए रजत पदक जीतने वालों में बेकरी में स्मृति नांबियार, डेंटल प्रोस्थेटिक्स में मोहम्मद सलाम, डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया डिजाइन में कोविद अजय गंगराडे, इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी में पार्थ वोहरा, लॉजिस्टिक्स एवं फ्रेट फॉरवर्डिंग में मेहरूनिस्सा बेगम और रिटेल सेल्स में सानिया जोशी शामिल रहे। स्मृति नांबियार को बेकरी में शानदार प्रदर्शन के लिए भारत की सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय प्रतिभागी भी चुना गया।
उत्कृष्टता पदक हासिल करने वालों में इंटेलिजेंट सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी के रागुल कंथम्मा बालराज, मेकाट्रॉनिक्स के दीपू मुदिगेरेपाल्या श्रीनिवास और जयंथ करियप्पा, मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट के अर्जुन सुमति विजयबाश्कर तथा इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशंस के धनुष मधुगिरी गोविंदराजू शामिल हैं।
इसके अलावा ऑटोनॉमस मोबाइल रोबोटिक्स में आदित्य प्रकाश और देबाशीष पांडा, इंडस्ट्री 4.0 में मल्लिनाथ और सुहान मस्कारेनहास, रोबोट सिस्टम्स इंटीग्रेशन में अभिषेक सोमन्ना शिगनल्ली और विनय मुत्तैया हिरेमठ ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी में एमडी सेराज, कार पेंटिंग में कैफ खान, फैशन टेक्नोलॉजी में विदी निरवकुमार सुथार, ज्वेलरी में जॉय दास और हेल्थ एंड सोशल केयर में विष्णुप्रिया सुनील ने भी उत्कृष्टता पदक हासिल किया।
इस बार भारत ने 70 प्रतिभागियों के साथ 63 कौशल श्रेणियों में हिस्सा लिया, जो अब तक का सबसे बड़ा भारतीय दल था। 11 नई और उभरती कौशल श्रेणियों में भारत की पहली भागीदारी ने यह भी दिखाया कि देश का कौशल विकास अब पारंपरिक ट्रेड्स से आगे बढ़कर उन्नत तकनीक, इंजीनियरिंग, डिजिटल और विशेष सेवाओं की ओर तेजी से विस्तार कर रहा है।


