वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान (VAMNICOM) ने श्रीलंका की मत्स्य सहकारी समितियों को अधिक सक्षम, टिकाऊ और व्यावसायिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक सप्ताह का अंतरराष्ट्रीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू किया है। इसका आयोजन कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग और श्रीलंका के मत्स्य, जलीय एवं महासागरीय संसाधन मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है।
कार्यक्रम में सहकारी शासन, वित्तीय प्रबंधन, मछली खरीद, प्रसंस्करण, भंडारण, ब्रांडिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सतत मत्स्य विकास जैसे विषयों पर अनुभव साझा किए जा रहे हैं। श्रीलंका के प्रतिनिधि चयनित भारतीय सहकारी संस्थाओं और संगठनों का भ्रमण कर सफल व्यवस्थाओं को करीब से समझेंगे।
श्रीलंका के मत्स्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव नदराजा शिवलिंगम ने मछुआरा समुदायों के सशक्तिकरण के लिए क्षमता निर्माण और भारत-श्रीलंका सहयोग की भूमिका पर जोर दिया। VAMNICOM के निदेशक डॉ. सुवा कांता मोहंती ने कहा कि मत्स्य क्षेत्र आजीविका, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पेशेवर और सुव्यवस्थित सहकारी संस्थाएं मछुआरों को वित्त, बुनियादी ढांचे, बाजार पहुंच, जलवायु जोखिम और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद कर सकती हैं।
डॉ. डी. रवि के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य भारत और श्रीलंका के सहकारी संस्थानों एवं विशेषज्ञों के बीच दीर्घकालिक नेटवर्क विकसित करना है, जिससे मछुआरा समुदायों की आय बढ़ाने और पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ मत्स्य विकास को प्रोत्साहन मिल सके।


