केंद्र सरकार की स्किल इंडिया मिशन (SIM) के तहत देशभर में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण देने का अभियान लगातार विस्तार पा रहा है। लोकसभा में कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने बताया कि 30 जून 2026 तक प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), जन शिक्षण संस्थान (JSS), राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (NAPS) और आईटीआई (CTS) के माध्यम से करोड़ों युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है।
आंकड़ों के अनुसार, पीएमकेवीवाई के तहत 1.65 करोड़, जन शिक्षण संस्थान के माध्यम से 36.58 लाख, एनएपीएस के तहत 52.98 लाख तथा आईटीआई (CTS) में 1.07 करोड़ से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण या नामांकन का लाभ मिला है। केवल उत्तर प्रदेश में पीएमकेवीवाई के तहत 25.22 लाख, जबकि मध्य प्रदेश में 12.33 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया गया।
रोजगार के आंकड़े केवल PMKVY 1.0 से 3.0 के शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध हैं। इन चरणों में प्रमाणित 56.89 लाख अभ्यर्थियों में से 24.37 लाख को रोजगार मिला, जिससे प्लेसमेंट दर 42.8 प्रतिशत रही। राज्यवार रोजगार में उत्तर प्रदेश के 3.39 लाख, मध्य प्रदेश के 2.22 लाख, राजस्थान के 1.86 लाख, तमिलनाडु के 1.72 लाख और हरियाणा के 1.59 लाख अभ्यर्थियों की नियुक्ति दर्ज की गई।
चारों योजनाओं के उपलब्ध आंकड़ों को देखें तो उत्तर प्रदेश में 61.41 लाख, महाराष्ट्र में 39.23 लाख, राजस्थान में 24.74 लाख, मध्य प्रदेश में 23.58 लाख, बिहार में 19.32 लाख, गुजरात में 18.50 लाख, तमिलनाडु में 18.30 लाख, कर्नाटक में 17.74 लाख, हरियाणा में 16.50 लाख और ओडिशा में 14.46 लाख प्रशिक्षण-नामांकन दर्ज हुए।
सरकार ने बताया कि PMKVY 1.0, 2.0 और 3.0 के तहत शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग में प्रमाणित 56.89 लाख उम्मीदवारों में से 24.37 लाख युवाओं को रोजगार मिला, जिससे प्लेसमेंट दर 42.8 प्रतिशत रही। वहीं, PMKVY 4.0 के प्रभाव आकलन में प्रशिक्षण के बाद रोजगार और स्वरोजगार वाले लाभार्थियों की हिस्सेदारी 26.6 प्रतिशत से बढ़कर 45.4 प्रतिशत हो गई, जबकि 41.4 प्रतिशत प्रशिक्षित युवाओं की आय में वृद्धि दर्ज की गई।
सरकार ने उभरती तकनीकों पर भी विशेष जोर दिया है। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, 5जी नेटवर्क और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए IBM, Microsoft, AWS, Autodesk और Shell जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी भी की गई है।


