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IIT कानपुर जुलाई 2026 से शुरू करेगा ‘बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी’ कोर्स

इससे बड़ी संख्या में छात्रों को IIT कानपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ने का अवसर मिलेगा

Published: 10:50am, 15 Jun 2026

साइबर अपराधों और डिजिटल सुरक्षा की बढ़ती चुनौतियों के बीच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर ने एक नई पहल करते हुए जुलाई 2026 से ‘बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी’ नामक चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। यह देश के चुनिंदा विशेषीकृत साइबर सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक होगा, जिसका उद्देश्य साइबर सुरक्षा क्षेत्र के लिए कुशल और प्रशिक्षित पेशेवर तैयार करना है।

इस नए कार्यक्रम की सबसे खास बात यह है कि इसमें प्रवेश जेईई एडवांस्ड के बजाय जेईई मेन स्कोर के आधार पर दिया जाएगा। इससे बड़ी संख्या में छात्रों को आईआईटी कानपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ने का अवसर मिलेगा। संस्थान का मानना है कि साइबर सुरक्षा आज राष्ट्रीय सुरक्षा, वित्तीय संस्थानों, सरकारी सेवाओं और निजी कंपनियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र बन चुका है, इसलिए इस विषय में विशेषज्ञ मानव संसाधन तैयार करना समय की आवश्यकता है।

कोर्स के दौरान छात्रों को नेटवर्क सिक्योरिटी, एथिकल हैकिंग, डिजिटल फॉरेंसिक, क्रिप्टोग्राफी, साइबर थ्रेट इंटेलिजेंस, क्लाउड सिक्योरिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सुरक्षा प्रणालियों जैसे विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी। साथ ही उन्हें वास्तविक साइबर हमलों से निपटने, डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने और साइबर अपराधों की जांच से जुड़े व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिए जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटलीकरण के साथ साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में आईआईटी कानपुर का यह नया कार्यक्रम छात्रों के लिए रोजगार के व्यापक अवसर पैदा करेगा और देश की साइबर सुरक्षा क्षमता को भी मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

YuvaSahakar Desk