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चार साल बाद गेहूं निर्यात पर रोक खत्म, 25 लाख टन निर्यात की अनुमति – खाद्य मंत्रालय का बड़ा फैसला

रबी 2026 सीजन में गेहूं का रकबा बढ़कर 334.17 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले वर्ष 328.04 लाख हेक्टेयर था

Published: 14:38pm, 14 Feb 2026

करीब चार साल बाद केंद्र सरकार ने गेहूं निर्यात पर लगा प्रतिबंध हटाते हुए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 25 लाख टन गेहूं के निर्यात की अनुमति दी है। इसके साथ ही गेहूं उत्पादों के निर्यात के लिए पहले दी गई 5 लाख टन की मंजूरी के अलावा अतिरिक्त 5 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात को भी हरी झंडी दी गई है। साथ ही चालू सत्र के लिए 5 लाख टन अतिरिक्त चीनी निर्यात को भी मंजूरी मिली है। यह जानकारी शुक्रवार को खाद्य मंत्रालय ने जारी की।

चार साल बाद खुला निर्यात का रास्ता

गौरतलब है कि मई 2022 में गेहूं उत्पादन में गिरावट और बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके साथ ही समय-समय पर गेहूं पर स्टॉक लिमिट भी लागू की जाती रही। हाल ही में स्टॉक लिमिट हटाई गई थी।

अब देश में पर्याप्त भंडार, बेहतर उत्पादन और घरेलू बाजार में नरम पड़ती कीमतों को देखते हुए निर्यात की अनुमति दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे गिरती कीमतों को सहारा मिलेगा और बाजार में संतुलन बनेगा।

भंडार की स्थिति मजबूत

मंत्रालय के अनुसार 2025–26 के दौरान निजी कंपनियों के पास लगभग 75 लाख टन गेहूं का स्टॉक उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 32 लाख टन अधिक है।

इसके अलावा 1 अप्रैल 2026 तक भारतीय खाद्य निगम के केंद्रीय पूल में लगभग 182 लाख टन गेहूं उपलब्ध रहने का अनुमान है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्यात की अनुमति से घरेलू खाद्य सुरक्षा प्रभावित नहीं होगी।

रबी सीजन में बढ़ा रकबा

रबी 2026 सीजन में गेहूं का रकबा बढ़कर 334.17 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले वर्ष 328.04 लाख हेक्टेयर था। न्यूनतम समर्थन मूल्य और सरकारी खरीद व्यवस्था के कारण किसानों का भरोसा मजबूत हुआ है। आगामी रबी मार्केटिंग सीजन के लिए गेहूं का एमएसपी 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।

चीनी निर्यात को भी बढ़ावा

सरकार ने चीनी सत्र 2025–26 के लिए इच्छुक मिलों को अतिरिक्त 5 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति दी है। इससे पहले 15 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति दी जा चुकी थी।

मिलों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 31 जनवरी 2026 तक लगभग 1.97 लाख टन चीनी का निर्यात हो चुका है और करीब 2.72 लाख टन के निर्यात के लिए अनुबंध किए जा चुके हैं। अतिरिक्त कोटा उन्हीं मिलों को मिलेगा जो 30 जून 2026 तक कम से कम 70 प्रतिशत निर्यात सुनिश्चित करेंगी।

Diksha