केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में जानकारी दी कि हिमाचल प्रदेश की 730 से अधिक प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS) नवगठित राष्ट्रीय स्तर की बहुराज्यीय सहकारी समितियों से जुड़ चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि सहकारिता मंत्रालय ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी से नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (NCEL), भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) और नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL) की स्थापना की है। इन संस्थाओं का उद्देश्य निर्यात, गुणवत्तापूर्ण बीज वितरण और जैविक खेती में सहकारी भागीदारी को मजबूत करना है।
अमित शाह के अनुसार हिमाचल प्रदेश की 140 पैक्स NCEL, 451 पैक्स BBSSL और 139 पैक्स NCOL से जुड़ी हैं। शिमला जिले से अकेले 15 पैक्स NCEL, 12 BBSSL और चार NCOL से जुड़ी हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर NCEL में 15,790, BBSSL में 34,078 और NCOL में 11,822 सदस्य नामांकित हो चुके हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए कोई विशेष फास्ट-ट्रैक योजना नहीं है, लेकिन राज्य-नामित नोडल एजेंसियों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) के माध्यम से लाभ सुनिश्चित किए जा रहे हैं। साथ ही विभिन्न राज्यों में ‘भारत बीज’ और ‘भारत ऑर्गेनिक्स’ उत्पादों को बढ़ावा देने के प्रयास भी जारी हैं।


