उर्वरक विपणन एवं विकास संस्थान (FMDI) ने हाल ही में पश्चिम बंगाल और गुजरात की सहकारी समितियों से जुड़े 69 कर्मियों के लिए तीन दिवसीय उर्वरक विपणन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उर्वरक वितरण और कृषि आदान सेवाओं से जुड़ी सहकारी समितियों की विपणन क्षमताओं को मजबूत करना था।
प्रशिक्षण के दौरान उर्वरक विपणन के व्यावहारिक पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें स्थानीय मांग का आकलन, आपूर्ति श्रृंखला का प्रभावी प्रबंधन, वितरण की बेहतर रणनीतियाँ, नियामकीय नियमों का पालन और किसानों की जरूरतों पर केंद्रित सेवाओं जैसे विषय शामिल रहे।
प्रतिभागियों को उर्वरक विपणन में उभरते रुझानों, संतुलित पोषक तत्वों के उपयोग और सतत कृषि को बढ़ावा देने में सहकारी समितियों की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी गई। इन चर्चाओं के माध्यम से यह बताया गया कि सहकारी संस्थाएँ उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी और पर्यावरण के दीर्घकालिक संरक्षण में भी अहम योगदान दे सकती हैं।
FMDI के विशेषज्ञों ने सत्रों के दौरान अपने अनुभव साझा किए और व्यावहारिक उदाहरणों व केस स्टडी के माध्यम से प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया। इससे उन्हें जमीनी स्तर पर कार्यक्षमता बढ़ाने और अपनी पहुंच मजबूत करने में मदद मिली।
कुल मिलाकर यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सहकारी कर्मियों की पेशेवर दक्षता बढ़ाने और विभिन्न राज्यों में सहकारी उर्वरक वितरण नेटवर्क को और अधिक सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होगा।


