नई दिल्ली के विज्ञान भवन में श्वेत क्रांति 2.0 की प्रगति की समीक्षा के लिए एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD) के सचिव नरेश पाल गंगवार ने की।
बैठक का उद्देश्य श्वेत क्रांति 2.0 और विभाग की अन्य प्रमुख योजनाओं की अब तक की प्रगति को समझना और आगे की दिशा तय करना था। इसमें अतिरिक्त सचिव वर्षा जोशी और राम शंकर सिन्हा, पशुपालन आयुक्त डॉ. नवीन बी. महेश्वरप्पा, DAHD के सलाहकार जगत हजारिका, सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव सिद्धार्थ जैन, साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पशुपालन विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसके अलावा सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार, राज्य दुग्ध संघों के प्रबंध निदेशक और केंद्र व राज्य सरकारों के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान डॉ. मीनेश शाह ने “पूर्वोत्तर और पर्वतीय क्षेत्रों में दुग्ध आत्मनिर्भरता की रणनीति” पर एक प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए NDDB किस तरह सहयोग कर रहा है, अभी कौन-सी पहलें चल रही हैं और आने वाले समय में क्या योजनाएँ हैं।
समीक्षा के दौरान श्वेत क्रांति 2.0 के तहत तय किए गए लक्ष्यों, अब तक हासिल की गई उपलब्धियों और आगे की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। खास तौर पर उन गांवों पर ध्यान दिया गया जो अभी तक इस पहल से नहीं जुड़ पाए हैं, और उन्हें सहकारी समितियों के रूप में पंजीकृत करने में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों पर भी विचार किया गया।
इसके साथ ही DAHD की अन्य प्रमुख योजनाओं जैसे राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD), राष्ट्रीय गोकुल मिशन, पशुधन स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएँ, राष्ट्रीय पशुधन मिशन, पशुधन गणना और एकीकृत नमूना सर्वेक्षण की प्रगति की भी समीक्षा की गई।


