बिहार सरकार ने राज्य में सहकारिता तंत्र को अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने तय किया है कि अब सरकारी पैसों को सहकारी बैंकों में भी रखा जाएगा। इस संबंध में प्रदेश के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने गुरुवार को सहकारिता विकास समिति की एक समीक्षा बैठक में आवश्यक निर्देश जारी किए।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सकरी एवं रैयाम में सहकारी चीनी मिल खोलने को लेकर भी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सहकारी चीनी मिलों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के साथ किसानों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और सहकारिता आधारित औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
समीक्षा बैठक में पैक्स कंप्यूटरीकरण, पंचायतों एवं गांवों में बहुउद्देशीय पैक्स के गठन, डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समिति की स्थापना, नए किसान उत्पादक संगठन (FPO) के गठन, जनऔषधि केंद्र तथा सहकारी डेटाबेस जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने पैक्सों में माइक्रो एटीएम की सुविधा उपलब्ध कराने, विकेन्द्रीकृत अन्न भंडारण योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा सभी सहकारी समितियों के निबंधन की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए।
विभागीय जानकारी के अनुसार, बैठक में सहकारी बैंकों में आधार आधारित भुगतान व्यवस्था की सेवाओं में हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई। साथ ही त्रिस्तरीय सहकारी संस्थाओं जैसे बहुउद्देशीय पैक्स, डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों के जिला एवं राज्य स्तरीय संघ गठन तथा सहकारी चीनी मिलों की स्थापना से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तृत विमर्श हुआ।
इस बैठक में सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव पंकज कुमार बंसल, सहकारिता सचिव धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक, सहयोग समितियां रजनीश कुमार सिंह सहित योजना एवं विकास, वित्त, ग्रामीण विकास, कृषि, उद्योग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


