केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा को जानकारी दी कि वर्ष 2024–25 और 2025–26 के लिए निर्धारित 32,752 नई प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के राष्ट्रीय लक्ष्य के मुकाबले अब तक 8,710 नई पैक्स का गठन किया जा चुका है। यह अभियान के पहले चरण में लगभग 27 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति को दर्शाता है।
राज्यवार आंकड़ों के अनुसार ओडिशा 1,543 नई पैक्स के साथ देश में पहले स्थान पर है। इसके बाद राजस्थान (1,387) और उत्तर प्रदेश (1,099) का स्थान है। मध्य प्रदेश (663), उत्तराखंड (621), गुजरात (525), असम (469) और छत्तीसगढ़ (469) भी प्रमुख योगदानकर्ताओं में शामिल हैं।
गुजरात में कुल 525 नई पैक्स स्थापित की गई हैं। राज्य में जूनागढ़ 212 समितियों के साथ शीर्ष पर है, जबकि खेड़ा (38), वडोदरा (37) और महिसागर (31) जिले भी उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रहे हैं। कई अन्य जिलों में अतिरिक्त पैक्स गठन की प्रक्रिया में हैं।
अमित शाह ने बताया कि नए मॉडल उपविधियों के तहत पैक्स को 25 से अधिक विविध गतिविधियां संचालित करने की अनुमति दी गई है। अब ये समितियां केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पीएम किसान समृद्धि केंद्र, “भारत बीज” के तहत बीज वितरण केंद्र, कस्टम हायरिंग सेंटर, डेयरी और मत्स्य केंद्र, तथा 300 से अधिक ई-सेवाएं प्रदान करने वाले कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी कार्य कर रही हैं।
इसके अलावा कई पैक्स जनऔषधि केंद्र, ईंधन आउटलेट और जल आपूर्ति संचालन भी चला रही हैं, जिससे वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मजबूत केंद्र के रूप में उभर रही हैं।


