केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से जानकारी दी कि सरकार ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को मजबूत करने और ग्रामीण भारत में सहकारी नेटवर्क का विस्तार करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार की 2,925.39 करोड़ की PACS कंप्यूटरीकरण परियोजना के तहत 31 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 79,630 PACS को कंप्यूटरीकरण के लिए अनुमोदित किया गया है। इनमें से 60,424 PACS को कॉमन ERP-आधारित राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर पर सफलतापूर्वक ऑनबोर्ड किया जा चुका है, जबकि 30 राज्यों/UTs में हार्डवेयर की खरीद प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस कदम का उद्देश्य PACS के संचालन का आधुनिकीकरण, पारदर्शिता में वृद्धि और NABARD से निर्बाध जोड़ सुनिश्चित करना है, जिसमें StCBs और DCCBs की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
सहकारिता मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार द्वारा अगले पाँच वर्षों में हर पंचायत और हर गाँव को कवर करने के लिए नए बहुउद्देश्यीय PACS, डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है।
नेशनल कोऑपरेटिव डेटाबेस के अनुसार, 15 नवंबर 2025 तक देशभर में 30,083 नई सहकारी समितियाँ पंजीकृत की गई हैं और 15,793 डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों को सुदृढ़ किया गया है।
अमित शाह ने कहा कि ये पहल सरकार की “सहकार से समृद्धि” की दृष्टि को साकार करने और सहकारी आंदोलन को गहराई तक मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।


