मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश के ग्रामीण पर्यटन को नई दिशा देने के लिए ‘ग्रामीण रंग – पर्यटन संग’ कार्यक्रम के दौरान 241 ग्रामीण होमस्टे का वर्चुअल शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम न केवल राज्य की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक जीवनशैली को बढ़ावा देने वाला है, बल्कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार और महिलाओं की भागीदारी को भी नई गति मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि होमस्टे नेटवर्क “अतिथि देवो भव” की भावना का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत ग्रामीण युवाओं को रोजगार, गांवों को पर्यटन केंद्र और पर्यटकों को भारतीय संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
प्रदेश में 1,000 होमस्टे का लक्ष्य
पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी ने जानकारी दी कि मध्य प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रदेश में 1,000 होमस्टे स्थापित करने का है। अभी तक 121 गांवों में 241 होमस्टे स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में राज्य में 13 करोड़ 41 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, जो पर्यटन क्षेत्र में सरकार के प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।
पर्यटन मिशन को मिला डिजिटल आधार
सीएम ने ग्रामीण पर्यटन को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए माइक्रोसाइट का शुभारंभ भी किया। यह साइट पर्यटकों को होमस्टे, गांवों की खासियत, अनुभव, सांस्कृतिक आयोजनों और सुविधाओं की जानकारी देगी।
4 बड़े एमओयू पर हस्ताक्षर
ग्रामीण पर्यटन को मजबूती देने के लिए कार्यक्रम के दौरान 4 महत्वपूर्ण एमओयू साइन किए गए:
1. दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट (पतंजलि) के साथ ग्रामीण विकास और पर्यटन ढांचे के लिए साझेदारी।
2. सिग्निफाई इनोवेशन इंडिया लिमिटेड के साथ ऊर्जा कुशल लाइटिंग के लिए समझौता।
3. स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के साथ पर्यटन व कौशल विकास के लिए सहयोग।
4. एमपीएसटीडीसी और पर्यटन बोर्ड के बीच डिजिटल एकीकरण को लेकर समझौता।
हेलीकॉप्टर टूरिज्म और वेलनेस शिखर सम्मेलन
मुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य में हेलीकॉप्टर टूरिज्म की शुरुआत की जाएगी, जिससे धार्मिक, वन्यजीव और स्वास्थ्य पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, एक वेलनेस शिखर सम्मेलन के आयोजन की भी घोषणा की गई, जिससे राज्य की पर्यटन सेवाएं वैश्विक स्तर तक पहुंचेंगी।
सम्मान और सहभागिता
इस अवसर पर 10 जिलों के कलेक्टरों को सम्मानित किया गया जिन्होंने होमस्टे लक्ष्य को समय से पूरा किया। इसके अलावा 16 ग्राम पंचायतों व संस्थाओं को सराहना दी गई जिन्होंने ग्रामीण पर्यटन को सशक्त किया।
महिलाओं को मिला प्रशिक्षण
पर्यटन मिशन के तहत 10,000 महिलाओं को पर्यटकों के स्वागत का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि स्वयं सहायता समूह द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प देशभर के पर्यटक खरीद रहे हैं।
बढ़ती पर्यटन गतिविधि और राष्ट्रीय पहचान
2020 से 2024 तक मध्य प्रदेश में 526% की पर्यटक वृद्धि दर्ज की गई है। कान्हा, पेंच और बांधवगढ़ जैसे राष्ट्रीय उद्यानों में भारी पर्यटक आवागमन हुआ है। पन्ना के मदला, निवाड़ी का लाडपुरा खास और सीधी का खास गांव ग्रामीण पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरे हैं।


