केंद्रीय क्षेत्र की योजना “10,000 किसान उत्पादक संगठन (FPO) के गठन और प्रोन्नति” के तहत सरकार ने लक्षित सभी 10,000 एफपीओ का सफलतापूर्वक पंजीकरण पूरा कर लिया है। कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने यह जानकारी राज्यसभा में लिखित उत्तर के रूप में दी।
योजना के तहत प्रत्येक एफपीओ को तीन वर्षों में 18 लाख रुपये का प्रबंधन व्यय, अधिकतम 15 लाख रुपये तक का मैचिंग इक्विटी अनुदान और पात्र संस्थानों से परियोजना ऋण के लिए 2 करोड़ रुपये तक की क्रेडिट गारंटी सुविधा प्रदान की जाती है।
राज्य और केंद्र मिलकर इन एफपीओ को बीज, उर्वरक, कीटनाशक और बाजार संचालन के लिए आवश्यक लाइसेंस दिलाने में मदद कर रहे हैं, ताकि वे एग्री-बिजनेस उद्यम के रूप में कार्य कर सकें।
बाजार तक पहुंच बढ़ाने के लिए एफपीओ को ई-नाम, ओएनडीसी और जीईएम प्लेटफार्म से जोड़ा जा रहा है। लचीलापन प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण डिजिटल माध्यम से दिया जा रहा है, साथ ही सरकारी योजनाओं की जानकारी और बाजार संपर्क बढ़ाने हेतु साप्ताहिक वेबिनार आयोजित किए जा रहे हैं।
इन उपायों से एफपीओ के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और 30 जून 2025 तक उनका संयुक्त कारोबार 5,035.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।


