अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अवसर पर नाबार्ड (NABARD) ने सोमवार को शिमला में एक भव्य सहकारी सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने राज्य में सहकारिता की अहम भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सहकारी आंदोलन केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि जनविश्वास, सहभागिता और आत्मनिर्भरता पर आधारित एक मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि सहकारिताएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और किसानों के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
सम्मेलन के दौरान किसानों और ग्रामीण समुदायों की उत्कृष्ट सेवा के लिए कई प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) को सम्मानित किया गया। नाबार्ड के प्रतिनिधियों ने सहकारिताओं से युवा पीढ़ी को जोड़ने, उनकी क्षमता निर्माण करने तथा निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन के माध्यम से आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम में सहकारी विकास, वित्तीय समावेशन और ग्रामीण सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए नाबार्ड की निरंतर प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया गया। यह सम्मेलन न केवल उपलब्धियों के उत्सव का मंच बना, बल्कि क्षेत्र में सहकारिताओं के भविष्य के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप तैयार करने का अवसर भी प्रदान किया।


