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मैनचेस्टर में अंतरराष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन: भारत सहित 100 देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी

भारत से इस सम्मेलन में एक उच्च स्तरीय सहकारी प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ, जिसका नेतृत्व ICA के एशिया पैसिफिक और KRIBCHO के अध्यक्ष डॉ. चंद्र पाल सिंह यादव कर रहें हैं

Published: 12:20pm, 04 Jul 2025

ब्रिटेन के ऐतिहासिक शहर मैनचेस्टर में एक भव्य वैश्विक सहकारी सम्मेलन की शुरुआत हुई, जिसमें दुनिया के 100 से अधिक देशों से सहकारी नेताओं ने हिस्सा लिया। यह सम्मेलन अंतर्राष्ट्रीय सहकारी संगठन (ICA) की बोर्ड बैठक और विशेष महासभा के साथ शुरू हुआ। यह आयोजन “फेस्टिवल ऑफ कोऑपरेटिव्स” के रूप में चार दिनों तक चलेगा, जो ICA की स्थापना के 130 वर्ष और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारी वर्ष के रूप में मनाने के लिए आयोजित किया गया है।

भारत से इस सम्मेलन में एक उच्च स्तरीय सहकारी प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ, जिसका नेतृत्व ICA के एशिया पैसिफिक और KRIBCHO के अध्यक्ष डॉ. चंद्र पाल सिंह यादव कर रहें हैं। राष्ट्रीय सहकारी संघ (NCUI) एवं IFFCO के चेयरमैन दिलीप संघानी और  IFFCO के प्रबंध निदेशक डॉ. यू.एस. अवस्थी भी इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं। भारतीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति इस बात को दर्शाती है कि भारत वैश्विक सहकारी आंदोलन में एक मजबूत और प्रभावशाली नेतृत्व भूमिका निभा रहा है।

यह आयोजन Co-operative Group और Co-operatives UK के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। मैनचेस्टर इसलिए भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि यही वह जगह है जहां 1844 में रोचडेल पायोनियर्स ने पहली सफल सहकारी दुकान की स्थापना की थी। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को 180 साल पूरे हो चुके हैं।

ICA के अध्यक्ष एरियल गुआरको ने कहा, “मैनचेस्टर लौटना एक प्रतीकात्मक पल है। यहीं से 180 साल पहले सहकारिता की यात्रा शुरू हुई थी। अब हम 100 देशों के 400 से अधिक प्रतिनिधियों के साथ इस सफर का जश्न मना रहे हैं और आने वाले भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं।”

आपको बता दें कि सम्मेलन  2 जुलाई 2025 को शुरू हुआ और पहले दिन प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए मैनचेस्टर टाउन हॉल और एंजल स्क्वायर में भव्य आयोजन किया गया। UK Co-op Group की CEO शिरीन खौरी-हक ने कहा, “सहकारिता के मूल्य यहीं उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड में जन्मे थे और आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।”

भारतीय सहकारी नेताओं ने भी इस आयोजन में भाग लेने पर गर्व व्यक्त किया। IFFCO के MD डॉ. अवस्थी ने ट्वीट कर ICA की 130 वर्षों की यात्रा को सराहा और कहा कि सहकारी संगठनों की साझी ताकत एक न्यायपूर्ण और समृद्ध दुनिया के निर्माण में मददगार है। भारत में 8 लाख से अधिक सहकारी संस्थाएं और 30 करोड़ से अधिक सदस्य हैं, जो कृषि, ग्रामीण विकास, डिजिटल तकनीक और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

UK Co-op Congress में रोचडेल में विशेष सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें अभिनेता और निर्माता स्टीव कूगन, आर्थिक टिप्पणीकार ग्रेस ब्लेकली और ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहम जैसे प्रमुख वक्ता शामिल हुए।

इस सम्मेलन में ICA की 2026-2030 की नई रणनीति को अपनाने पर भी चर्चा हुई। VME Coop के CEO स्टीफन गिल और Midcounties Co-operative के CEO फिल पॉन्सनबी ने साझा स्वामित्व और सहकारी मूल्यों को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए एक स्थायी रास्ता बताया।

YuvaSahakar Desk

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